शाहजहाँपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रांगण स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में मंगलवार को नोबेल पुरस्कार दिवस एवं मानवाधिकार दिवस के अवसर पर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रेडक्रॉस के संस्थापक जीन हेनरी डुनेट के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यभान सिंह भदौरिया ने की।
रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने इस अवसर पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रेडक्रॉस विश्व का एकमात्र मानवीय संगठन है जिसे अब तक चार बार नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है, जो नोबेल पुरस्कारों के संस्थापक अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है।
डॉ. जौहरी ने बताया कि वर्ष 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार जीन हेनरी डुनेट और फ्रेडरिक पैसी को संयुक्त रूप से दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति (ICRC) को 1917, 1944 और 1963 में नोबेल पुरस्कार मिल चुका है, जो मानवीय सेवाओं का सर्वोच्च सम्मान है।
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर 1948 को अपनाई गई मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा मानव गरिमा और समानता की आधारशिला है। रेडक्रॉस मानवता, तटस्थता और शांति के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए संकट एवं संघर्ष की परिस्थितियों में कमजोर लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है।
गोष्ठी में उपस्थित सदस्यों ने रेडक्रॉस की मानवता, निष्पक्षता और सेवा भावना पर आधारित कार्यशैली को मानवाधिकारों के संरक्षण का मजबूत स्तंभ बताया।
कार्यक्रम में सत्यभान सिंह भदौरिया, डॉ. विजय जौहरी, पुष्पराज, इमरान, अनुज जौहरी, अग्रज जौहरी, अवनीश सक्सेना सहित कई रेडक्रॉस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ
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