पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद में अपराध की रोकथाम, वांछित/वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी गैंगस्टर सेल के नेतृत्व में जनपदीय SOG, सर्विलांस सेल एवं थाना रोज़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े फर्जी GST रैकेट का खुलासा करते हुए गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर लोन दिलाने का झांसा देकर आम नागरिकों के दस्तावेज़ लेकर फर्जी GST फर्म बनाता था और इन फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये की कर चोरी करवाता था।
दिनांक 28.05.2025 को वादी भावना चन्द्रा, सहायक आयुक्त, राज्य कर विभाग द्वारा थाना रोज़ा पर मुकदमा दर्ज कराया गया था (मु.अ.सं. 313/2025) कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी GST फर्म बनाकर करोड़ों का GST चोरी कर राजस्व को क्षति पहुँची है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए SIT गठित की गई और विवेचना निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह (प्रभारी गैंगस्टर सेल) को सौंपी गई।
तलाश में लगी पुलिस को आज मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी GST गिरोह के सदस्य काली महिन्द्रा XEV-9E कार से अटसलिया फ्लाईओवर के पास आने वाले हैं।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और तीनों अभियुक्तों को भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज़ों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
दिनांक: 05.12.2025
समय: लगभग 06:41 बजे
स्थान: अटसलिया फ्लाईओवर से पहले, लखनऊ रोड, थाना रोज़ा
मु.अ.सं. 313/2025
धारा 318(2)/318(4)/336(3)/338/340(2) BNS एवं 132 GST Act
थाना रोज़ा, जनपद शाहजहाँपुर
अभियुक्त गौरव यादव ने बताया—
• इंस्टाग्राम पर लोन दिलाने का विज्ञापन डालते थे।
• लोगों को विश्वास में लेकर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल आदि दस्तावेज़ ले लेते थे।
• फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित रेंट एग्रीमेंट तैयार करते थे।
• इनकी आधार पर फर्जी GST फर्म बनाते व करंट बैंक अकाउंट खुलवाते थे।
• GST पोर्टल पर फर्जी बिल अपलोड कर व्यापारियों को नकली ITC का लाभ दिलाया जाता था।
• व्यापारी बिना असली माल खरीदे ITC ले लेते थे और गिरोह को मोटा कमीशन मिलता था।
• कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।
• अब तक फर्जी फर्मों में बस ड्राइवर, कंडक्टर, नौकरीपेशा, छात्रों आदि के दस्तावेज़ इस्तेमाल किए गए।
• 02 iPhone 17 Pro Max (कीमत ~3.5 लाख)
• 05 Android फ़ोन (Samsung Z Fold 7, S25 Ultra सहित ~4 लाख)
• 01 की-पैड मोबाइल
• 02 टैब (I-Pad व Mi Tab ~2.5 लाख)
• 01 CPU, 01 हार्ड डिस्क
• 02 Pen Drive
• 200 फर्जी Rent Agreement
• 39 पैन कार्ड की रंगीन कॉपी
• 39 आधार कार्ड की रंगीन कॉपी
• 13 बैंक स्टेटमेंट
• बड़ी संख्या में S.S. Online Services के विज़िटिंग कार्ड
• फर्जी Notary Seal
• 5 मोहरें + इंक पैड
• लग्ज़री कार Mahindra XEV-9E (कीमत ₹35 लाख)
• 39 ATM कार्ड (SBI, ICICI, YES, IDBI, Union Bank आदि के)
• ₹2790 नकद
• 04 वाहन RC
“किसी भी प्रकार के लोन, जॉब, OTP, बैंक अपडेट या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं।
व्यक्तिगत दस्तावेज़ (आधार/पैन) किसी अजनबी को न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 या 1930 पर दें।”
शाहजहाँपुर पुलिस—
आर्थिक अपराधियों व साइबर फ्रॉड के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध।
लखनऊ
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