शाहजहांपुर | 23 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश आज तेजी से उभरते हुए एक प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। निर्यात को रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए प्रदेश एक नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सामने आया है। इसकी पुष्टि नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक-2024 (Export Preparedness Index-2024) से होती है।
14 जनवरी 2026 को जारी इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ओवरऑल चौथा स्थान प्राप्त किया है, जबकि भू-आबद्ध राज्यों की श्रेणी में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान पर तथा भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था। मात्र दो वर्षों में यह बड़ी छलांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई सशक्त निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, उत्पाद विविधीकरण और कारोबारी सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, बेहतर रोड कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहलों ने राज्य की निर्यात तत्परता को नई गति दी है।
इसके साथ ही सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कूरियर एवं एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं, जिससे निर्यातकों का लागत बोझ कम हुआ और वे वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बने।
पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने भी राज्य के निर्यातकों के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया है। इसके माध्यम से प्रदेश के एमएसएमई, पारंपरिक कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजार खुले और निर्यात ऑर्डरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा तथा कृषि-आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
नीति आयोग द्वारा निर्यात तैयारी सूचकांक-2024 तैयार करते समय चार प्रमुख स्तंभों—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन के अंतर्गत 13 उप-स्तंभों और 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया। इन सभी मानकों पर उत्तर प्रदेश ने व्यापक और ठोस सुधार दर्ज कराए हैं।
रैंकिंग में महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य पहले तीन स्थानों पर रहे, जबकि समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान पर पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, मजबूत नीति समर्थन और निर्यातकों के लिए सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
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