मेगा परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश, फरवरी 2026 तक गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण का लक्ष्य


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

लखनऊ | 

रविवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार देर शाम एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा एवं औद्योगिक विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मेगा प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जन-उपयोगी ढंग से पूर्ण कराया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि 12 जनपदों को जोड़ने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना औद्योगिक, कृषि और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को नई गति देगी। परियोजना में वे-साइड सुविधाएं, रोड सेफ्टी, साइनेज और आधुनिक गुणवत्ता परीक्षण मानकों को सुनिश्चित किया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के फेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। यह परियोजना प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, एयर कार्गो क्षमता, निवेश और रोजगार सृजन का बड़ा केंद्र बनेगी।

मुख्यमंत्री जी ने मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे अमरोहा, मुरादाबाद और संभल जनपदों में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आय सुदृढ़ होगी। साथ ही एरच सिंचाई परियोजना के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संरक्षण, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को स्थायित्व मिलेगा।

ऊर्जा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रिहंद-ओबरा पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाएं प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देंगी। ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति तेज करने तथा भारत सरकार के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

शिक्षा क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना’ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने 75 जनपदों में 150 आधुनिक विद्यालयों की स्थापना को प्राथमिकता देने को कहा। डिजिटल लर्निंग, प्रयोगशालाएं, खेल और सह-शैक्षिक सुविधाओं से युक्त ये विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अहम कदम होंगे।

बैठक में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर रेल लाइन परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नई रेल लाइन सीमावर्ती और आकांक्षात्मक जनपदों को बेहतर कनेक्टिविटी देकर क्षेत्रीय विकास को गति देगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल निर्माण नहीं, बल्कि समय पर गुणवत्तापूर्ण और जनहितकारी परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है। उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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