शाहजहाँपुर।
राष्ट्र को जानने और समझने का सशक्त मार्ग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से होकर गुजरता है। संघ ने देश को अनेक महान व्यक्तित्व प्रदान किए हैं। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह ‘रज्जू भैया’ का जीवन शालीनता, सज्जनता और विद्वता का अद्वितीय उदाहरण था, जिनका प्रत्येक क्षण भारत माता को समर्पित रहा। यह उद्गार विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह ने व्यक्त किए।
वे मुमुक्षु आश्रम परिसर में आयोजित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) की जयंती पर श्रद्धार्पण गोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन की अत्यंत आवश्यकता है और नागरिकों को पंचप्रण का पालन अवश्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि श्रद्धेय रज्जू भैया ने अपने सभी भौतिक संसाधन राष्ट्र को समर्पित कर दिए। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं और बोलियां होते हुए भी भारतीयता की भावना सम्पूर्ण देश को एकसूत्र में बांधे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि “विश्व तभी सुरक्षित रहेगा, जब सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा।”
इस अवसर पर ददरौल विधायक अरविंद सिंह, कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’ तथा संघ के विभाग प्रचारक रवि प्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. आलोक कुमार सिंह द्वारा किया गया। स्वागत उद्बोधन कॉलेज सचिव प्रो. अवनीश कुमार मिश्र ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई, जिसे डॉ. कविता भटनागर ने प्रस्तुत किया, जबकि संघ गीत जिला शारीरिक प्रमुख मोहन जी द्वारा गाया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिशिर शुक्ला ने किया एवं अंत में धन्यवाद ज्ञापन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आर. के. आज़ाद ने किया।
इस दौरान कॉलेज के दो एनसीसी कैडेट उदय प्रताप सिंह एवं उत्कर्ष अवस्थी को भारतीय जल सेना में चयन हेतु सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
गोष्ठी से पूर्व रज्जू भैया के जन्मस्थान सिंचाई विभाग स्थित डाकबंगले में हवन-पूजन भी संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ओझा, प्रो. प्रभात शुक्ला, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. अरुण यादव, डॉ. संदीप दीक्षित, डॉ. चंदन गोस्वामी, ईशपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अशर्फी सिंह राठौर, रामकुमार सहित संकुल की सभी शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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