Breaking News

चाइनीज मांझा बना जानलेवा, जागरूकता और सुरक्षा ही बचाव का उपाय

 

सेफ्टी रोड का प्रारूप

प्रधान संपादक की कलम से✍️

लखनऊ। राजधानी में चाइनीज मांझे से लोगों के घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह खतरनाक सिंथेटिक डोर अब केवल पतंगबाजी तक सीमित समस्या नहीं रही, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। हाल ही में दुबग्गा निवासी मोहम्मद शोएब (उम्र लगभग 30 वर्ष) चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। शोएब अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए। वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताए जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर चाइनीज मांझे के घातक परिणामों को उजागर कर दिया है।

Kite Safety Rod 

चाइनीज मांझा सामान्य धागे से कहीं अधिक मजबूत और धारदार होता है। इसमें धातु या केमिकल कोटिंग होने के कारण यह त्वचा को गहराई तक काट सकता है। दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल राहगीरों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहा है। गर्दन, चेहरे और हाथों पर गंभीर चोट के कई मामले सामने आ चुके हैं।

प्रशासन द्वारा समय-समय पर चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध तथा कार्रवाई की घोषणाएं की जाती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद बाजार में इसकी उपलब्धता पूरी तरह नहीं रुक पाई है। केवल सरकारी सख्ती पर्याप्त नहीं है, नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।

सड़क पर चलने वाले लोगों, विशेषकर बाइक और स्कूटी चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। प्रॉपर हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। दोपहिया वाहनों पर आगे की ओर सुरक्षा रॉड (सेफ्टी गार्ड) लगवाना भी एक प्रभावी उपाय हो सकता है, जिससे गर्दन और ऊपरी शरीर को मांझे से बचाया जा सके। खासकर वे लोग जो डिलीवरी सेवाओं, रैपिड राइड, ओला, स्विगी, जोमैटो जैसी सेवाओं में दिनभर सड़क पर रहते हैं, उन्हें इस तरह के सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

पतंग उड़ाने के शौकीनों से भी अपील है कि वे चाइनीज मांझे का बहिष्कार करें। मनोरंजन के नाम पर किसी की जान जोखिम में डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है कि इस जानलेवा डोर के उपयोग को पूरी तरह रोका जाए और जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

Post a Comment

0 Comments