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मृतक के नाम पर फर्जी आधार बनाकर जमीन बिक्री में धोखाधड़ी, वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

 

ब्यूरो रिपोर्ट रिज़वान अली, लखनऊ

लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन अंतर्गत थाना मोहनलालगंज पुलिस ने मृत व्यक्ति के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी करने वाले एक फरार वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली बसंथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज विकास कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार त्रिपाठी की टीम ने यह सफलता हासिल की।

पुलिस के अनुसार, थाना मोहनलालगंज में ग्राम उदयपुर निगोहा स्थित कृषि भूमि के फर्जी बैनामे के संबंध में मु0अ0सं0 562/25 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादिनी विमला सिंह ने शिकायत दी थी कि उनके स्वर्गीय पति अवधराज सिंह के नाम दर्ज भूमि को मृतक के नाम का दुरुपयोग कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।

जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 296, रकबा 0.449 हे० भूमि राजस्व अभिलेखों में स्नेहलता वर्मा और स्वर्गीय अवधराज सिंह सह-खातेदार थे। अवधराज सिंह की मृत्यु 16 फरवरी 2023 को हो चुकी थी, इसके बावजूद अभियुक्तों ने एक व्यक्ति को मृतक के रूप में प्रस्तुत कर 18 जुलाई 2024 को उपनिबंधक कार्यालय मोहनलालगंज में लगभग 17 बिस्वा भूमि का बैनामा करा दिया। फर्जी विक्रेता के नाम से फर्जी आधार कार्ड, फोटो और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। बैनामे के दौरान एक अन्य व्यक्ति को भूपेन्द्र नाथ के नाम से फर्जी गवाह बनाया गया।

पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि बैनामे की धनराशि प्राप्त करने के लिए अभियुक्त हरिशंकर उर्फ शंकर ने मृतक अवधराज सिंह के नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कल्ली पश्चिम शाखा में फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक खाता खुलवाया। इसी खाते में खरीदार द्वारा दी गई रकम जमा कराई गई। खरीदार हेतराम पाल, निवासी शारदा नगर आशियाना, स्वयं इस धोखाधड़ी का शिकार हुआ, जिसने कुल 7,20,000 रुपये चेक और नकद के माध्यम से दिए।

विवेचना में राजकुमार, ज्ञानेन्द्र राजपूत, कमल यादव, सर्वेश तथा हरिशंकर उर्फ शंकर द्वारा संगठित रूप से साजिश कर धोखाधड़ी किए जाने के प्रमाण मिले। पूर्व में राजकुमार, ज्ञानेन्द्र राजपूत और सर्वेश को गिरफ्तार किया जा चुका है। 7 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने हरिशंकर उर्फ शंकर को पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित गणपति स्वीट्स के पास से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात राजकुमार और ज्ञानेन्द्र से हुई थी। 2000 रुपये के लालच में वह बैंक गया, जहां फर्जी आधार कार्ड के आधार पर अवधराज सिंह के नाम से खाता खुलवाया गया और उसने उसी नाम से हस्ताक्षर किए। जांच में यह भी सामने आया कि इसी खाते में 3,00,000 रुपये का चेक जमा हुआ, जिससे सह अभियुक्त राजकुमार ने एलईडी टीवी और वोल्टास कंपनी का एसी खरीदा, जिसकी बरामदगी पहले ही की जा चुकी है।

गिरफ्तार अभियुक्त हरिशंकर उर्फ शंकर (32 वर्ष), निवासी ग्राम कनेरी, मोती का पुरवा थाना नगराम, लखनऊ है, जो मजदूरी करता है। पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक यशवंत सिंह और कांस्टेबल अरुण कुमार यादव शामिल रहे।

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