स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
लखनऊ, 27 फरवरी। योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति को लेकर अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की।
आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सुरक्षित, आकर्षक एवं बाल-मित्र भवनों में उत्कृष्ट पठन-पाठन व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिन केंद्रों के पास स्वयं का भवन नहीं है, उनका शीघ्र निर्माण कराया जाए। इसके लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग लिया जाए तथा राज्य सरकार भी वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल पर मानक डिजाइन तैयार करने और जहां संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में ही आंगनबाड़ी भवन विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं एवं समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी केंद्रों को भावी पीढ़ी की सुदृढ़ नींव बताते हुए उन्होंने ‘स्वस्थ बचपन-समर्थ उत्तर प्रदेश’ मिशन को गति देने पर जोर दिया।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की फरवरी मासांत तक की कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की। जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व एवं खनन विभागों की उपलब्धियों का आकलन करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि ही विकास कार्यों की गति निर्धारित करती है।
फरवरी 2026 तक प्रदेश में ₹1,96,177 करोड़ का राजस्व संग्रह दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आबकारी विभाग को होली पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग को भूमि अभिलेख डिजिटाइजेशन और रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही परिवहन विभाग को निगम बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा नए रूट चिह्नित कर बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।
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