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समृद्ध किसान, सशक्त कृषि: 'छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026' का भव्य शुभारंभ

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश

लखनऊ: राजधानी के 'नवाचार और अनुसंधान' की भूमि पर आज 'समृद्ध किसान, सशक्त कृषि' के संकल्प के साथ 'छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026' का भव्य आगाज हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस महासंगम का शुभारंभ करते हुए 'नए उत्तर प्रदेश' की कृषि विकास यात्रा का रोडमैप साझा किया।

प्रोडक्शन से प्रोस्पेरिटी (समृद्धि) तक का सफर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने एक बड़ा मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें कृषि को "प्रोडक्शन से प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्टिविटी से प्रॉफिटेबिलिटी और प्रॉफिटेबिलिटी से प्रोस्पेरिटी (समृद्धि)" की ओर ले जाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि 'आत्मनिर्भर और विकसित भारत' का सपना तभी साकार होगा जब देश का अन्नदाता समृद्ध होगा।

आधुनिक तकनीक: AI, ड्रोन और स्मार्ट फार्मिंग

मुख्यमंत्री ने कृषि के वैज्ञानिक स्वरूप पर चर्चा करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग का आह्वान किया:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): फसलों के रीयल-टाइम विश्लेषण और रोगों की पहचान के लिए AI का उपयोग।
  • ड्रोन तकनीक: उर्वरकों और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव के लिए ड्रोन का बढ़ावा।
  • सैटेलाइट मॉनिटरिंग: मौसम के पूर्वानुमान और भूमि की स्थिति पर नजर रखने के लिए उपग्रह तकनीक का सहारा।
  • बायोटेक्नोलॉजी: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत और उच्च पैदावार वाले बीजों का विकास।

वैज्ञानिकों और एग्री स्टार्ट-अप्स का सम्मान

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कृषि एवं पशु-चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 वैज्ञानिकों को 'उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26)' के तहत सम्मानित किया। साथ ही, 'उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान अकादमी' के 30 वैज्ञानिकों, अध्यापकों, शोधार्थियों और उभरते हुए एग्री स्टार्ट-अप्स को भी उनके नवाचारों के लिए पुरस्कृत किया गया।

'लैब टू लैंड' से 'लैंड इज लैब' का विजन

सीएम योगी ने परंपरागत 'लैब टू लैंड' (प्रयोगशाला से खेत) के मॉडल को 'लैंड इज लैब' (खेत ही प्रयोगशाला है) में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब वैज्ञानिक और किसान खेत में एक साथ मिलकर काम करेंगे, तभी वास्तविक नवाचार संभव होगा।

पुस्तकों का विमोचन और ज्ञान साझाकरण

महासंगम के दौरान कृषि तकनीक, जैविक खेती और आधुनिक पशुपालन पर आधारित विभिन्न शोध पुस्तिकाओं और पुस्तकों का विमोचन किया गया। यह तीन दिवसीय कांग्रेस (8-10 अप्रैल) देशभर के वैज्ञानिकों के लिए ज्ञान और शोध साझा करने का एक बड़ा मंच साबित होगी।

मुख्य बिंदु:

  • विकास दर: यूपी की कृषि विकास दर 8% से बढ़कर लगभग 18% तक पहुँच गई है।
  • भागीदारी: 11% कृषि योग्य भूमि के साथ यूपी देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21% योगदान दे रहा है।
  • लक्ष्य: 'विकसित कृषि-विकसित भारत 2047' के विजन को धरातल पर उतारना।

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