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“21वीं सदी का युद्ध बंदूकों का नहीं, बुद्धिमत्ता का है”: डॉ. राजेश्वर सिंह ने यूपी को AI लीडर बनाने के लिए सीएम को सुझाए बड़े कदम

 

 

[ टेक्नोलॉजी एवं विजन / लखनऊ ]

ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा, लखनऊ ✍️

विधानसभा सरोजनी नगर | 25 अप्रैल, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज - विशेष विजन

रोजनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का सबसे बड़ा युद्ध बंदूकों से नहीं, बल्कि 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) के माध्यम से बुद्धिमत्ता का लड़ा जाएगा। डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर AI रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।


नीतिगत सुझाव और पहल:
UP AI Research & Innovation Fund की स्थापना की मांग।
• प्रदेश में एक सशक्त UP AI Commission का गठन।
• स्टार्टअप्स और इंक्यूबेटर्स के लिए नई Seed Funding Policy की आवश्यकता।

युवा बनें टेक्नोलॉजी क्रिएटर्स: डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत की 65% आबादी 35 वर्ष से कम है। हमारे युवाओं को केवल 'Technology Users' नहीं, बल्कि 'Technology Creators' और लीडर्स बनना होगा। उन्होंने युवाओं से कोडिंग सीखने, डेटा को समझने और क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करने का आह्वान किया।

"जो देश AI लिखेगा, वही भविष्य का इतिहास लिखेगा। उत्तर प्रदेश को AI एडॉप्शन से आगे बढ़कर इनोवेशन का गढ़ बनना होगा।"
- डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक

डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस का भविष्य है। उनके द्वारा सुझाए गए कदमों से उत्तर प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर AI लीडरशिप की भूमिका निभा सकता है।

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