[ लखनऊ / शासन-प्रशासन विशेष रिपोर्ट ]
ब्यूरो रिपोर्ट: योगेंद्र सिंह यादव (स्टेट ब्यूरो हेड), उत्तर प्रदेश ✍️
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ जी** ने आज लखनऊ में भीषण गर्मी और संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आमजन को पेयजल और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के प्रमुख दिशा-निर्देश:
• सूखा आकलन: 15 जून से 30 जुलाई के बीच स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार सूखा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
• पेयजल व्यवस्था: पाइप्ड योजनाओं के साथ-साथ टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था को पूरी तरह तैयार रखा जाए।
• नहरों की सफाई: 30 मई तक नहरों और तालाबों की डी-सिल्टिंग अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए।
• कुम्हारों को प्रोत्साहन: तालाबों से निकली मिट्टी को प्रजापति समाज और शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए।
किसानों के लिए सुरक्षा कवच: मुख्यमंत्री ने टेल फीडिंग के माध्यम से नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुँचाने और सिंचाई हेतु निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने और फसल बीमा का लाभ समय पर दिलाने को कहा है।
हीट स्ट्रोक से बचाव हेतु स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने और अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम के जरिए मौसम की सटीक जानकारी किसानों तक समय पर पहुँचाने पर बल दिया गया है। शासन से जनपद स्तर तक **24×7 कंट्रोल रूम** सक्रिय रहकर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे।
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