[ राजनीति / तीखी प्रतिक्रिया / लखनऊ ]
ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा, लखनऊ ✍️
लखनऊ के सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई असंसदीय टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा कभी नहीं टूटनी चाहिए।
- व्यक्ति की भाषा ही उसके संस्कार और राजनीतिक संस्कृति का परिचय देती है।
- अभद्र भाषा का प्रयोग केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाता है, शालीनता नहीं।
- प्रधानमंत्री की गरिमा पर टिप्पणी करने वालों की अपनी ओछी मानसिकता उजागर होती है।
- राजनीति विकास और जनसेवा का माध्यम है, व्यक्तिगत अपमान का मंच नहीं।
नेतृत्व और समर्पण: डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता उनके राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण और साहसिक नेतृत्व के लिए पहचानती है। इस प्रकार की स्तरहीन बयानबाजी उनकी छवि को धूमिल नहीं कर सकती।
- डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध हैं और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा को ठेस पहुँचाती हैं। उन्होंने राजनीति में शालीनता और संवाद की संस्कृति को पुनः बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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