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शाहजहाँपुर पुलिस की अनूठी पहल: बिखरते घरों को मिला परामर्श का सहारा; दो दंपत्तियों के बीच हुआ समझौता, फिर से बसी गृहस्थी


[ पुलिस वेलफेयर - परिवार परामर्श केंद्र / शाहजहाँपुर ]

ब्यूरो रिपोर्ट: योगेंद्र सिंह यादव (स्टेट ब्यूरो हेड), उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर | 04 मई, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज़ - समाज सेवा

शाहजहाँपुर पुलिस लाइन में आज 'परिवार परामर्श केंद्र' के माध्यम से मानवता और सामाजिक सरोकार की एक सुखद तस्वीर सामने आई। **पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित** के कुशल निर्देशन में आयोजित इस शिविर में विवादों के कारण टूटने के कगार पर पहुँच चुके दो परिवारों को पुलिस के सार्थक हस्तक्षेप और परामर्श से बचा लिया गया। आज कुल **20 पत्रावलियों** पर गहन सुनवाई की गई, जिसमें से दो दंपत्तियों ने एक साथ रहने का संकल्प लिया।

सुलझे हुए प्रमुख मामले:
सदर बाजार: 10 वर्ष पूर्व विवाह बंधन में बंधे दंपत्ति के बीच घरेलू विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी एक माह से मायके में थी। परामर्श के बाद दोनों गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने को राजी हुए।
रामचन्द्र मिशन: 2 वर्ष पहले शादी करने वाले जोड़े के बीच 'वैचारिक मतभेद' की समस्या को पुलिस ने काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाया। अब यह जोड़ा अलग किराये के मकान में नई शुरुआत करेगा।

परामर्श टीम की भूमिका: इस नेक कार्य में महिला मुख्य आरक्षी **चंद्रकांता** और महिला आरक्षी **मोनिका कुमारी** ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और उन्हें परिवार की अहमियत समझाते हुए आपसी समझौते के लिए प्रेरित किया। अंत में दंपत्तियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और साथ चलने का वादा कर विदा ली।

संपादकीय टिप्पणी:
परिवार समाज की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई है। शाहजहाँपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस परामर्श केंद्र से न केवल मुकदमों का बोझ कम हो रहा है, बल्कि छोटे बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय होने से बच रहा है।

"सच की आवाज वेब न्यूज़" पुलिस प्रशासन की ऐसी मानवीय और सकारात्मक पहलों का सदैव स्वागत करता है।

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