[ जल संरक्षण महाभियान: भैंसी नदी पुनर्जीवन | शाहजहाँपुर ]
ब्यूरो रिपोर्ट: योगेंद्र सिंह यादव (स्टेट ब्यूरो हेड), उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर में नदियों के अस्तित्व को बचाने की दिशा में आज एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। जिलाधिकारी **धर्मेंद्र प्रताप सिंह** ने शुक्रवार को विकासखंड बण्डा की ग्राम पंचायत नवादा ढाह से 'भैंसी नदी पुनर्जीवन अभियान' के दूसरे चरण का पूजा-अर्चना कर विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री जी के “एक जनपद–एक नदी” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशासन और जनसहयोग के मेल से अब भैंसी नदी की दलेलापुर जलधारा को पुनर्जीवित किया जाएगा।
अभियान का रोडमैप और लक्ष्य:
• खुदाई का लक्ष्य: लगभग 25-26 किलोमीटर लंबी जलधारा की खुदाई का कार्य 10 से 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
• वृक्षारोपण: नदी के किनारों पर इस वर्ष 40 से 50 हजार विशेष प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। सुरक्षा हेतु तारबाड़ की व्यवस्था होगी।
• सफलता का इतिहास: पूर्व में जनसहयोग से 56 किलोमीटर लंबाई में खुदाई का कार्य रिकॉर्ड समय में पूर्ण किया जा चुका है।
प्रशासनिक मुस्तैदी: जिलाधिकारी ने एडीएम, एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि वे हर दूसरे-तीसरे दिन मौके पर जाकर कार्य की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि 20 मई तक कार्य को संतोषजनक स्थिति में लाया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि नदी के किनारे स्थित तालाब और पोखर भूजल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनका संरक्षण भी अभियान का हिस्सा है।
शुभारंभ के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह, लोकभारती संस्था के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उत्साही ग्रामीण मौजूद रहे।
"सच की आवाज वेब न्यूज़" पर्यावरण और जल संरक्षण की इस पुनीत पहल का स्वागत करता है। सामूहिक प्रयास से ही भैंसी नदी पुनः अपनी अविरल धारा के साथ बहने को तैयार है।
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