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शाहजहाँपुर: लापरवाही पर मंडी सचिव पुवायां को प्रतिकूल प्रविष्टि; DM ने कहा—"तहसील न्यायालयों में 5 साल पुराना एक भी केस न रहे पेंडिंग"

[ प्रशासनिक समीक्षा / कलेक्ट्रेट ]

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर | 12 मई, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज - कवरेज

शाहजहाँपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आज कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आईजीआरएस और कर-करेत्तर राजस्व वसूली की मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंडी सचिव पुवायां सर्वेश शुक्ला को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश जारी किए।

डीएम के कड़े निर्देश:
  • IGRS गुणवत्ता: शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न हो, आवेदक की संतुष्टि का फीडबैक 90% से अधिक होना चाहिए।
  • न्यायालयी मामले: तहसीलों में धारा 24, 34, 67, और 38 के वादों को प्राथमिकता पर निपटाएं। 5 साल से पुराना कोई भी वाद लंबित न रहे।
  • राजस्व वसूली: आबकारी, परिवहन, स्टांप और खनन विभाग लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें।

रैंकिंग पर फोकस: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखने के लिए सभी विभाग अपनी योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दें। किसी भी स्तर पर डिफाल्टर श्रेणी में संदर्भ नहीं जाना चाहिए।

बैठक में चकबंदी, विशेष भू-अध्याप्ति और तहसील स्तर के बड़े बकाएदारों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और जनसामान्य की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से किया जाए।

बैठक में मौजूद अधिकारी:
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित जनपद के सभी महत्वपूर्ण विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान - जिला प्रशासन शाहजहाँपुर।

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