सीएमओ का सीएचसी उतरौला व गैण्डासबुजुर्ग में औचक निरीक्षण, 22 अधिकारी-कर्मचारी मिले अनुपस्थित

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

वेतन रोकने के निर्देश, गंदगी व अव्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी

बलरामपुर, 22 जुलाई। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला एवं सीएचसी गैण्डासबुजुर्ग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में 22 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित मिले। साथ ही अस्पतालों में साफ-सफाई, वार्ड प्रबंधन तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में गंभीर कमियां पाए जाने पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

सीएचसी उतरौला में उपस्थिति पंजिका के सत्यापन के दौरान 9 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इनमें लैब टेक्नीशियन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाईकर्मी तथा चार चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे। सीएमओ ने सभी का अनुपस्थित अवधि का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी एवं हीट वेव वार्ड में गंदी बेडशीट, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण में लापरवाही तथा उपकरणों के रखरखाव में भी खामियां मिलीं। सीएमओ ने निर्देश दिए कि सभी मरीजों के पर्चे आभा आईडी (ABHA ID) के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जाएं, वार्डों में प्रतिदिन साफ चादरें बिछाई जाएं तथा मरीजों का समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।

इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी गैण्डासबुजुर्ग का निरीक्षण किया, जहां स्थिति और अधिक चिंताजनक पाई गई। उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज होने के बावजूद कई अधिकारी एवं कर्मचारी अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। निरीक्षण के समय अधीक्षक डॉ. शोएब अहमद भी अस्पताल में अनुपस्थित पाए गए।

अस्पताल के वार्डों में कई बेडों पर गंदी बेडशीट मिलीं, जबकि कुछ बेड बिना चादर के पाए गए। इमरजेंसी वार्ड में भी साफ-सफाई की स्थिति खराब थी तथा तकियों पर कवर तक नहीं लगे थे। सीएमओ ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर टिप्पणी सहित अनुपालन आख्या शीघ्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

नोट: यह समाचार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

— सच की आवाज़ वेब न्यूज़

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