स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर, 03 अगस्त। शाहजहाँपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 2(एफ) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कर ली है। यूजीसी ने आधिकारिक पत्र जारी कर विश्वविद्यालय का नाम धारा 2(एफ) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल कर दिया है।
गौरतलब है कि 14 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। स्थापना के कुछ ही समय बाद यूजीसी की मान्यता मिलना विश्वविद्यालय की प्रशासनिक दक्षता, शैक्षणिक गुणवत्ता और उच्च शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है।
यूजीसी की मान्यता मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय अपने अधीन संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को नियमानुसार डिग्रियां प्रदान करने के लिए अधिकृत होगा। साथ ही विश्वविद्यालय को शोध कार्य, पीएचडी कार्यक्रम और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में यूजीसी के सभी नियमों एवं दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
यूजीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि विश्वविद्यालय ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रम शुरू करना चाहता है तो उसे अलग से यूजीसी की अनुमति लेनी होगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा समय-समय पर मूल्यांकन भी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) तथा नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) पोर्टल पर विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेख अपलोड करने होंगे, जिससे छात्रों के रिकॉर्ड का डिजिटल संरक्षण और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा सुनिश्चित हो सके। प्रोफेशनल, तकनीकी एवं मेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले संबंधित नियामक संस्थाओं से अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में प्राप्त यह उपलब्धि न केवल शाहजहाँपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
