ब्यूरो रिपोर्ट निर्मल यादव सीतापुर ✍️
खुले हिस्सों को ढकने, टूटे स्लैब बदलने और निर्माण मलबा हटाने की मांग
बिसवां, सीतापुर। बिसवां के व्यस्ततम मोहल्ला शंकरगंज में नीरज सिंह के मकान से अरुणेश अग्रवाल उर्फ भोंदू की दुकान तक बने अधूरे एवं कथित अधोमानक नाले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नाले पर कई स्थानों पर स्लैब नहीं लगाए गए हैं, जबकि कुछ स्लैब टूटने की स्थिति में हैं, जिससे राहगीरों के नाले में गिरने का खतरा बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों के अनुसार नाले के दोनों सिरों पर पर्याप्त ढलान और सुरक्षित किनारा नहीं बनाया गया है। नाले के अंदर ईंटों के पाए बनाकर उनके ऊपर हल्की स्लैब लगाए जाने से पानी के प्रवाह में भी बाधा आने की बात कही जा रही है। वहीं, निर्माण के बाद बचा मलबा नाले के किनारे पड़ा होने से गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार उन्होंने अपने स्तर पर घरों के आसपास सफाई कर रास्ता सुगम बनाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका कहना है कि यह मार्ग मोहल्ले के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है, ऐसे में नाले की मौजूदा स्थिति से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से नाले का स्थलीय निरीक्षण कराकर अधूरे निर्माण को पूरा कराने, क्षतिग्रस्त स्लैब बदलवाने, खुले हिस्सों को सुरक्षित तरीके से ढकने तथा निर्माण मलबा हटाकर जल निकासी सुचारु कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
