बिसवां प्रशासन से न्याय की आस टूटी, इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री के दरबार पहुंचा पीड़ित परिवार

 

ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता सीतापुर ✍️

सिकरहना गांव का मामला, निकास मार्ग अवरुद्ध होने का आरोप

बिसवां, सीतापुर। तहसील एवं कोतवाली बिसवां क्षेत्र के ग्राम सिकरहना का एक पीड़ित परिवार स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुआ है।

पीड़ित हरिपाल, केशव और रामपाल आदि का आरोप है कि उनके आने-जाने के पुराने निकास मार्ग को स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवरुद्ध कर दिया गया है। उनका कहना है कि मौके पर सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि मौजूद होने के बावजूद उन्हें रास्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे परिवार को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कोतवाली बिसवां से लेकर तहसील स्तर तक कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से निराश परिवार अब लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी शिकायत रखने जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद है।

पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निकास मार्ग खुलवाने तथा यदि जांच में कोई दोषी पाया जाए तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

नोट: खबर में लगाए गए आरोप पीड़ित परिवार के कथन पर आधारित हैं। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों/अन्य पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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