ब्यूरो रिपोर्ट बाल किशन उन्नाव ✍️
उन्नाव/हसनगंज, 13 अगस्त 2026। किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को तहसील हसनगंज पहुंचकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। ज्ञापन में किसानों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं।
किसानों की प्रमुख मांगें
1. मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध:
भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते सहित ऐसे मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग की गई, जिन्हें किसान नेताओं ने भारतीय कृषि, उद्योग, श्रमिकों और राष्ट्रीय हितों के प्रतिकूल बताया। कृषि उपज के अनियंत्रित आयात पर रोक की भी मांग रखी गई।
2. एमएसपी की कानूनी गारंटी:
सभी फसलों के लिए C2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद के लिए कानून बनाने की मांग की गई।
3. किसानों की कर्जमाफी:
ग्रामीण कर्जग्रस्तता समाप्त करने तथा किसानों एवं दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्या रोकने के लिए व्यापक ऋण माफी लागू करने की मांग की गई। किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
4. श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग:
किसान नेताओं ने चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने तथा सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
इसके अलावा खाद, बिजली, आवारा पशु और फसल बीमा सहित किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील हसनगंज में आंदोलन किया जाएगा।
कार्यक्रम में महिला जिला अध्यक्ष ममता, जिला अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद एवं तहसील अध्यक्ष हसनगंज रामाश्रय सहित भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए एसडीएम हसनगंज ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। किसान नेताओं के अनुसार, ज्ञापन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक पहुंचाने की बात भी कही गई।
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