ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️
बलरामपुर। जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने आशा एवं एएनएम से सीधे संवाद करते हुए ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, नियमित टीकाकरण, परिवार सर्वेक्षण तथा ई-कवच पोर्टल पर डाटा अपडेशन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आशा एवं एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान निर्धारित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। जन्म के बाद बच्चों का भी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
टीकाकरण से वंचित लाभार्थियों को करें चिन्हित
डीएम ने आशा एवं एएनएम से उनके कार्यक्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण तथा बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि टीकाकरण से छूटे सभी गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रहे।
ई-कवच पोर्टल पर डाटा अपडेट करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पुनः परिवार सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला एवं बच्चे की सही जानकारी एकत्र की जाए तथा सभी पात्र लाभार्थियों का डाटा ई-कवच पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड एवं नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
उन्होंने कहा कि सही एवं अद्यतन डाटा के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी के साथ लाभार्थियों तक समय से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकता है। इसलिए फील्ड स्तर की वास्तविक स्थिति और ई-कवच पोर्टल पर उपलब्ध डाटा में एकरूपता बनाए रखी जाए।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आशा एवं एएनएम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर प्रत्येक गर्भवती महिला एवं बच्चे को निर्धारित स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सेवाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला प्रतिरक्षा अधिकारी, आशा एवं एएनएम सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
