गंगा एक्सप्रेसवे के निकट गौशालाओं के लिए भूमि की समीक्षा, डीएम ने दिए निर्माण के निर्देश

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

गड़िया रंगीन में 25 एकड़, बामियान में 3 हेक्टेयर और शंकरपुर पिडराई में 4.5 हेक्टेयर भूमि मिली

शाहजहांपुर, 24 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी तिलहर, उप जिलाधिकारी जलालाबाद, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास के गांवों में ग्रामवार उपलब्ध भूमि की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं लेखपालों को भूमि का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गड़िया रंगीन में 25 एकड़ भूमि पर बनेगी गौशाला

समीक्षा के दौरान ग्राम गड़िया रंगीन में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध पाई गई। जिलाधिकारी ने इस भूमि पर गौशाला का निर्माण कराने के निर्देश दिए।

वहीं ग्राम बामियान में 3 हेक्टेयर भूमि गौशाला के लिए उपलब्ध मिली। जिलाधिकारी ने यहां अस्थायी गौशाला का निर्माण कराकर 100 से अधिक गोवंश रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रस्तावित गौशाला में कम से कम तीन शेड बनाए जाने के निर्देश दिए। शेड निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

शंकरपुर पिडराई में दो शेड बनाने के निर्देश

इसी क्रम में ग्राम शंकरपुर पिडराई में 4.5 हेक्टेयर चरागाह भूमि उपलब्ध पाई गई। जिलाधिकारी ने इस भूमि पर गौशाला के लिए दो शेड बनाए जाने के निर्देश दिए।

सिकंदरपुर अफगान में भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि उपलब्ध भूमि की जांच कराई जाए तथा श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सभी तहसीलों में भूमि चिन्हांकन के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लेखपालों के साथ समन्वय कर भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराएं। श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 25 अगस्त को सदर तहसील एवं जलालाबाद तहसील की पुनः बैठक आयोजित कर भूमि की उपलब्धता एवं गौशाला निर्माण से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि गौशालाओं के निर्माण एवं संचालन के लिए भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

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