यूजीसी बिल के विरोध में बिसवां में प्रदर्शन, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग

पत्रकार निर्मल यादव के साथ ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता सीतापुर ✍️

बिसवां, सीतापुर। यूजीसी बिल के विरोध और जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को बिसवां कस्बे में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर शिवालय से तहसील परिसर तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान “यूजीसी रोल बैक” और “काला कानून वापस लो” जैसे नारे लगाए गए।

तहसील परिसर पहुंचने के बाद क्षेत्रीय नागरिकों एवं प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिसवां राहुल सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। साथ ही वर्तमान जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार बनाए जाने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित यूजीसी बिल से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असमानता और भेदभाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि देश को जाति, धर्म, भाषा, संप्रदाय और क्षेत्रवाद की सीमाओं से ऊपर उठकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को बनाया जाए। इसके अलावा सरकारी एवं अर्धसरकारी संस्थाओं तथा निकायों में नियुक्तियों और चयन प्रक्रिया में योग्यता एवं मेरिट को प्रमुख आधार बनाए जाने की मांग की गई।

ये लोग रहे मौजूद

प्रदर्शन में अश्वनी कुमार त्रिपाठी, विजय अवस्थी, तुषार शर्मा, आशुतोष अवस्थी, उमेश कुमार अवस्थी, आमिर खान, गौरव सिंह, पंकज शुक्ला, हरिओम बाजपेई, आशीष मिश्रा, नीरज मिश्रा, रवि अवस्थी, सानुज शुक्ला, भरत शुक्ला, अश्वनी मिश्रा और रूपेश अवस्थी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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