ITI को उद्योगों से जोड़कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर, CM योगी ने की कौशल विकास विभाग की समीक्षा

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए आईटीआई को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण विकसित किए जाएं तथा अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास को रोजगार के साथ-साथ वैश्विक अवसरों से भी जोड़ा जाए। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन कराने के निर्देश दिए गए।

अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए अनुदेशकों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताते हुए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव एवं कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान किया जाए।

CIIIT केंद्रों को आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के युवाओं पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों एवं युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

विगत पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण तथा 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

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