स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
करीब 20 सितंबर तक चलेगी प्रक्रिया, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रहेगा प्रतिबंध
शाहजहांपुर, 01 सितंबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ईवीएम-वीवीपैट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाएंगी।
पहचान-पत्र के बाद ही मिलेगा प्रवेश
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी हॉल में अधिकृत अधिकारी, कर्मचारी एवं राजनीतिक दलों के पदाधिकारी जारी पहचान-पत्र के साथ मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रवेश के समय समुचित तलाशी ली जाएगी तथा प्रवेश और निकास का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। इन्हें हॉल के बाहर हेल्प डेस्क पर जमा कराया जाएगा। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार केवल नामित निर्वाचन अधिकारियों तथा अधिकृत बीईएल/ईसीआईएल इंजीनियरों को निर्धारित कार्य के लिए मोबाइल रखने की अनुमति होगी।
2 सितंबर से करीब 20 सितंबर तक चलेगी एफएलसी
जिलाधिकारी ने बताया कि ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी प्रक्रिया 2 सितंबर से लगभग 20 सितंबर तक चलेगी। यह प्रक्रिया अवकाश के दिनों में भी लगातार जारी रहेगी। एफएलसी स्थल पर न्यूनतम एक सेक्शन सुरक्षा बल द्वारा 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी तथा पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।
एफएलसी देखने के लिए आने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जाएगी और प्रतिदिन इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी।
एफएलसी के बाद होगा मॉक पोल
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी पूर्ण होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मॉक पोल कराया जाएगा। मॉक पोल के परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। मॉक पोल के लिए मशीनों का चयन रैंडम आधार पर किया जाएगा।
मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मॉक पोल देखने के साथ ही इच्छानुसार स्वयं मॉक पोल करने की अनुमति होगी। मॉक पोल के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर निर्धारित रजिस्टर में लिए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिलाधिकारी निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


