बगहाढाक गौशाला में 20 गोवंशों की मौत का मामला, एनजीओ हटते ही हरा चारा-पानी मिलने का दावा

 

निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने के बाद सीडीओ को भेजा गया पत्र, ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद संचालन फिर ग्राम पंचायत को सौंपा गया

सहायक ब्यूरो चीफ सुधीर सिंह कुम्भाणी सीतापुर ✍️

सकरन, सीतापुर। विकासखंड सकरन की ग्राम पंचायत बगहाढाक स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल में गोवंशों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौशाला के संचालन में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक माह के दौरान लगभग 20 गोवंशों की मौत हुई।

एनजीओ पर लापरवाही के आरोप

जानकारी के अनुसार, शिव ग्राम उद्योग विकास समिति को करीब एक माह पूर्व गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि इस दौरान गोवंशों को समय से हरा चारा और पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तथा बीमार पशुओं के उपचार पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि भूख-प्यास और बीमारी के चलते गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत हुई।

बीडीओ के निरीक्षण में मिली अनियमितताएं

बताया गया कि खंड विकास अधिकारी श्रीकुमार गुप्ता ने गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद मामले में कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन

मामले को लेकर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

इसके बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए गौशाला का संचालन एनजीओ से हटाकर दोबारा ग्राम पंचायत को सौंप दिया।

संचालन बदलने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार का दावा

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत को संचालन मिलने के बाद अब गौशाला में गोवंशों को समय से हरा चारा और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

हालांकि, गोवंशों की मौत के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जांच अथवा कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

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