बिसवां में 22वें गणेश महोत्सव का भव्य समापन, रंग-गुलाल और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा

 


ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता, सीतापुर ✍️

मटकी फोड़ कार्यक्रम बना आकर्षण का केंद्र, जयकारों से भक्तिमय हुआ पूरा नगर

बिसवां/सीतापुर। सीतापुर के बिसवां कस्बे में दस दिवसीय 22वें गणेश महोत्सव का गुरुवार को धूमधाम और भक्तिमय माहौल में समापन हुआ। नगर के प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर में गणेश महोत्सव सेवा समिति की देखरेख में आयोजित महोत्सव के दौरान दस दिनों तक मंदिर परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजता रहा।

समापन अवसर से पहले मंदिर परिसर में भव्य आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना की।

ढोल-नगाड़ों के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा

भंडारे के बाद शीतला देवी मंदिर से गणेश जी की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा उत्साह के साथ थिरकते नजर आए। ट्रक पर सजाई गई गणपति जी की मनमोहक झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।

शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु एक-दूसरे पर रंग-गुलाल उड़ाते नजर आए। पूरे मार्ग में “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में नजर आया।

बड़े चौराहे पर मटकी फोड़ ने बढ़ाया उत्साह

शोभायात्रा जब नगर के बड़े चौराहे पर पहुंची तो वहां मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंदाओं की टोलियों ने करीब 30 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई मटकी को फोड़ने के लिए कई पिरामिड बनाए।

कई प्रयासों के बाद जैसे ही गोविंदाओं ने मटकी फोड़ी, मौके पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

विधि-विधान से हुआ गणपति विसर्जन

मटकी फोड़ कार्यक्रम के बाद शोभायात्रा विसर्जन स्थल पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान कई श्रद्धालु भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं।

कार्यक्रम में गणेश महोत्सव सेवा समिति के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।

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