सीतापुर: वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालयों में गूंजा राष्ट्रगीत, छात्राओं ने किया सामूहिक गायन

 

ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता, सीतापुर ✍️

देशभक्ति के वातावरण में आयोजित हुआ कार्यक्रम, राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का दिया संदेश

बिसवां, सीतापुर। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर पुरवारी टोला और सरस्वती शिशु मंदिर बिसवां में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के वातावरण से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि सह जिला प्रचारक श्री विकल्प जी, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं विद्यालय प्रबंधक श्री विमलेश अवस्थी जी तथा कोषाध्यक्ष श्री वन्दन रस्तोगी जी ने दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया।

कार्यक्रम में नगर कार्यवाहक श्री चंदन रस्तोगी, विद्यालय की सदस्या श्रीमती रिचा गुप्ता, श्रीमती श्वेता अरोरा, डॉ. प्रीती वैश्य तथा समाजसेवी श्री ब्रह्मानन्द उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री मिथिलेश तिवारी ने कराया।

छात्राओं ने उत्साह के साथ किया सामूहिक गायन

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करना रहा। विद्यालय की छात्राओं एवं आचार्याओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन में सहभागिता की।

सामूहिक रूप से गूंजते वंदे मातरम् के स्वरों से विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।

वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश

मुख्य अतिथि श्री विकल्प जी ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है।

उन्होंने छात्राओं को देशहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कार पर जोर

विद्यालय प्रबंधक श्री विमलेश अवस्थी ने अपने आशीर्वचन में छात्राओं को राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कार मजबूत करना विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या ने उपस्थित अतिथियों, आचार्याओं एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्राओं को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।

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