शाहजहांपुर में पराली जलाने पर ₹30 हजार तक जुर्माना और कार्रवाई, बिना SMS कंबाइन होगी सीज


स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। फसल अवशेष यानी पराली और गन्ने की पत्ती जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में पराली प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में पराली जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार जुर्माना और अन्य कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पराली या गन्ने की पत्ती जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत ₹30,000 तक पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति/जुर्माना वसूला जा सकता है। साथ ही संबंधित किसानों को नियमानुसार अन्य सरकारी कृषि सुविधाओं से वंचित किए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

गन्ना सट्टा निरस्त करने के निर्देश

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष जिले में सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की 139 घटनाएं चिन्हित की गई थीं। संबंधित किसानों से जुर्माना वसूली के साथ गन्ने का सट्टा निरस्त करने और लेवी पर धान खरीद से प्रतिबंधित करने जैसी कार्रवाई की गई थी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष भी पराली जलाने की घटनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिए गए कि ऐसे किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि योजनाओं के लाभ से नियमानुसार प्रतिबंधित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गांवों में लगाई जाएंगी रात्रि चौपाल

डीएम ने जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान, सचिव, लेखपाल और अन्य क्षेत्रीय कर्मचारियों की मौजूदगी में रात्रि चौपाल आयोजित कर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने किसानों से फसल अवशेष नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरता पर भी असर पड़ता है।

कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन के लिए किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से इन सुविधाओं का लाभ उठाकर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने की अपील की गई।

डीएम ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों द्वारा एकत्र की गई पराली को उठवाकर गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों को ‘पराली दो, खाद लो’ योजना का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

बिना SMS यंत्र के चलने वाली कंबाइन होगी सीज

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि धान कटाई के दौरान बिना एसएमएस (Super Straw Management System) यंत्र के चलने वाली कंबाइन मशीनों पर कार्रवाई की जाए और उन्हें सीज किया जाए। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, उप कृषि निदेशक पीके मिश्रा, उप जिलाधिकारी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि पर्यावरण और मिट्टी की उर्वरता को ध्यान में रखते हुए पराली न जलाएं तथा उपलब्ध कृषि यंत्रों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।

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