स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 20 सितंबर 2026। थाना तिलहर पुलिस ने तीन भैंस चोरी के मामले में विवेचना के दौरान प्रकाश में आए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक 10 सितंबर को ग्राम राईखेड़ा निवासी सुमन पत्नी स्वर्गीय वीरपाल ने तीन भैंस चोरी होने की तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर थाना तिलहर में मु0अ0सं0 482/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने अतुल उर्फ आनंद पुत्र विजेंद्र कुमार (22 वर्ष) और अमित गुप्ता पुत्र गजेंद्र पाल गुप्ता (23 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम सफ्त्यारा, थाना कांट, शाहजहांपुर के नाम प्रकाश में आने की बात कही।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को मुखबिर की सूचना पर 19 सितंबर की रात करीब 11:04 बजे बंथरा रेलवे ब्रिज के पास से हिरासत में लिया गया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 8 हजार रुपये बरामद हुए। विवेचना के दौरान मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
पूछताछ में सामने आई यह बात
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 27 अगस्त 2026 को ग्राम राईखेड़ा से तीन भैंस चोरी की गई थीं। पुलिस का कहना है कि चोरी की गई भैंसें उनके अन्य साथियों राजकमल उर्फ कमल उर्फ टाइगर निवासी राईखेड़ा और नन्हे मिश्रा उर्फ पंडित निवासी अब्दुल्लागंज द्वारा उन्हें दी गई थीं।
पुलिस के मुताबिक बाद में मोहल्ला हयातपुरा के पास राजकमल उर्फ टाइगर और नन्हे मिश्रा उर्फ पंडित ने कथित तौर पर भैंसें उनसे ले लीं। इसके बाद चोरी की भैंसों के एवज में अतुल को 15 हजार रुपये और अमित को 13 हजार रुपये दिए गए तथा शेष रकम बाद में देने की बात कही गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि भैंसों को ले जाते समय उनका वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद दोनों अपने-अपने घर से चले गए थे।
पुलिस ने पूछताछ में सामने आए तथ्यों और अन्य प्रकाश में आए आरोपियों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई संबंधी जानकारी उपलब्ध प्रेस नोट पर आधारित है; आरोपों और पूछताछ में सामने आए बयानों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
