ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन एवं मिशन शक्ति अभियान के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति टीमों द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों, कस्बों एवं विद्यालयों में ग्राम चौपाल और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
जागरूकता कार्यक्रम में दहेज प्रथा, बाल विवाह, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, गुड टच-बैड टच सहित महिला अधिकारों से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बाल विवाह और दहेज प्रथा को सामाजिक कुरीति के साथ-साथ दंडनीय अपराध बताते हुए इससे संबंधित कानूनों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को जरूरत के समय तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 प्रमुख हैं।
इसके साथ ही महिलाओं को थाना स्तर पर संचालित मिशन शक्ति केंद्र एवं परिवार परामर्श केंद्र के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं इन केंद्रों के माध्यम से कानूनी सहायता एवं आवश्यक परामर्श प्राप्त कर सकती हैं।
अभियान के दौरान शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी महिलाओं को दी गई तथा जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए।
बलरामपुर पुलिस ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनजागरूकता के ऐसे अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ सकें।

