ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करने तथा वन क्षेत्र से सटे और संवेदनशील गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा जनपद में लगातार व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वन विभाग की टीमों ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को तेंदुए एवं अन्य जंगली जानवरों से बचाव और सुरक्षित व्यवहार के संबंध में जागरूक किया।
तुलसीपुर रेंज के ग्राम झौंहना तथा ग्राम हल्लौरा संग्रामपुर में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखाई देने की स्थिति में सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से उसके नजदीक न जाने, भीड़ एकत्र न करने तथा तत्काल वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत रेहरा में भी ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षा एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपाय बताए गए। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें वन क्षेत्र एवं झाड़ियों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने तथा बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।
संवेदनशील पगडंडियों पर लगाई गईं लाल झंडियां
अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने जंगल एवं वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाली विभिन्न पगडंडियों तथा संभावित संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां लाल झंडियां लगाईं। इन झंडियों के माध्यम से स्थानीय लोगों को ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का संकेत दिया गया। रास्ते में मिले ग्रामीणों, राहगीरों एवं अन्य लोगों से भी संवाद कर उन्हें मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
वन विभाग की टीम ने गांवों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से भी तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों से बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने, खदेड़ने या घेरने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में संयम बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
ग्रामीणों को खेतों, वन क्षेत्र तथा झाड़ियों वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने, खासकर सुबह और शाम के समय सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर समूह में आवागमन करने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही पशुओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि अथवा उपस्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित टीम को देने की अपील की गई।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, जागरूकता से सुरक्षा पर जोर
अभियान के दौरान वन विभाग के कार्मिकों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद किया। विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार, उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा किसी अप्रत्याशित स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए जागरूकता, सतर्कता और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वन क्षेत्र से सटे और संवेदनशील गांवों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों में वन्यजीवों के प्रति अनावश्यक भय के स्थान पर सावधानी एवं सुरक्षित व्यवहार विकसित हो और मानव तथा वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिले।
जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने की स्थिति में घबराएं नहीं, भीड़ न लगाएं, वन्यजीव को परेशान अथवा नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

