ब्यूरो रिपोर्ट तशरीफ़ अली, मेरठ ✍️
माछरा, मेरठ। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत रविवार, 20 सितंबर 2026 को माछरा ब्लॉक के छह परिषदीय विद्यालयों में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नवसाक्षरों की मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। माछरा ब्लॉक के बहरोड़ा, राधना इनायतपुर, मानपुर, गोविंदपुरी, जई और मेघराजपुर ग्राम पंचायतों के परिषदीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। मेरठ जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर माछरा को मवाना तहसील के ब्लॉकों में शामिल किया गया है।
सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों एवं प्रधानाध्यापकों द्वारा परीक्षा का शुभारंभ कराया गया। परीक्षा में ऐसे 15 वर्ष से अधिक आयु के नवसाक्षरों को शामिल किया गया, जिनके पास पहले से साक्षर होने का कोई प्रमाण-पत्र नहीं था। परीक्षा के बाद पात्र नवसाक्षरों को शिक्षा विभाग की ओर से साक्षरता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 20 सितंबर को उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई परीक्षा
परीक्षा कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी के निर्देशन में कराया गया। कार्यक्रम के प्रभारी लक्ष्मण सिंह, जिला समन्वयक रहे।
माछरा ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी के रूप में परीक्षा केंद्रों का पर्यवेक्षण करते रहे। उनके पर्यवेक्षण में परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराकर तीन दिन के भीतर लक्ष्मण सिंह, जिला समन्वयक के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए।
शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने निभाई जिम्मेदारी
ग्राम पंचायत बहरोड़ा के प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 में प्रेमचंद, तशरीफ अली, नसीम खातून, शिक्षा प्रेरक आसमा परवीन तथा स्वयंसेवी शिक्षक हफीजुर्रहमान ने परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग किया।
वहीं राधना इनायतपुर में रेखा रानी, तरन्नुम जहां, तबस्सुम और ममनून अली सहित शिक्षकों एवं शिक्षा प्रेरकों ने परीक्षा व्यवस्था में सहयोग किया।
माछरा ब्लॉक में सैकड़ों नवसाक्षरों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। परीक्षा को सफल बनाने में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, शिक्षा प्रेरकों, अनौपचारिक अनुदेशकों, स्वयंसेवी शिक्षकों तथा बीआरसी माछरा के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
सभी छह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
