शाहजहांपुर में नकली खाद और विकास कार्यों की जांच की उठी मांग

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। जनपद में नकली खाद के निर्माण एवं बिक्री तथा किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने के आरोपों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और किसान संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि वर्तमान जिला कृषि अधिकारी के कार्यकाल में नकली खाद से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नकली खाद तैयार करने वाली कुछ फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन कार्रवाई के बाद संबंधित मामलों में क्या प्रगति हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। किसानों का आरोप है कि छोटे किसानों को खाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर दिए जाने की शिकायतें भी समय-समय पर उठती रही हैं।

जिला कृषि अधिकारी को मिला बीडीओ का अतिरिक्त दायित्व

लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि वर्तमान जिला कृषि अधिकारी को जलालाबाद खंड विकास अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके द्वारा जलालाबाद विकासखंड का कार्यभार संभालने के बाद विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि विकासखंड में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों तथा अलग-अलग योजनाओं में खर्च की गई सरकारी धनराशि की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारियों के पैनल से अभिलेखों और मौके पर हुए कार्यों की जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से निष्पक्ष जांच की मांग

क्षेत्रीय जनता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से जलालाबाद विकासखंड में कराए गए विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में खर्च की गई धनराशि की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, प्रस्तुत जानकारी में इन आरोपों के संबंध में जिला कृषि अधिकारी या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष शामिल नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है। ऐसे में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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