ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता सीतापुर ✍️
छत पर उगा पीपल का पेड़, जर्जर दीवार और टपकती छत मिली; ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस
सकरन (सीतापुर)। विकासखंड सकरन की ग्राम पंचायत अदवारी में पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर भुगतान किए जाने की शिकायत पर कराई गई स्थलीय जांच में पंचायत भवन की बदहाल स्थिति सामने आई है। जांच रिपोर्ट में मौके पर पंचायत भवन की छत पर पीपल का पेड़ उगने, दीवार जर्जर होने और कमरे की छत टपकने समेत कई कमियां दर्ज की गई हैं।
यह मामला ग्राम पंचायत नसीरपुर अन्दूपुर निवासी सुधीर कुमार सिंह पुत्र महेश्वर सिंह द्वारा IGRS संदर्भ संख्या 40015426068501 पर की गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में ग्राम पंचायत अदवारी में पंचायत भवन का मरम्मत कार्य कराए बिना भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के आधार पर खंड विकास अधिकारी, सकरन द्वारा L-1 स्तर की जांच कराई गई। सेक्टर अधिकारी श्री रवि प्रकाश, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ने 31 अगस्त 2026 को मौके पर पहुंचकर प्रकरण की जांच की। जांच के समय पंचायत सहायक एवं ग्रामवासी भी मौजूद रहे।
स्थलीय जांच में सामने आईं कई कमियां
जांच आख्या के अनुसार मौके पर पंचायत भवन की छत पर पीपल का पेड़ उगा हुआ मिला। भवन की एक दीवार जर्जर अवस्था में पाई गई, जबकि कमरे की छत से पानी टपकने की स्थिति सामने आई।
इसके अलावा पंचायत भवन के शौचालय की स्थिति भी खराब मिली। जांच में पाया गया कि शौचालय के दरवाजे में पल्ले नहीं लगे हैं और सीटों के स्थान पर कचरा भरा हुआ है। शौचालय को अक्रियाशील बताया गया है।
ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस
जांच में सामने आई कमियों के बाद संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पत्र संख्या 2647 दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से ग्राम सचिव को निर्देशित किया गया है कि जांच में पाई गई कमियों के संबंध में तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
जांच आख्या में स्पष्ट किया गया है कि प्रकरण में जांच कार्यवाही प्रचलन में है और जांच पूर्ण होने के बाद गुण-दोष के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, शिकायतकर्ता ने जांच के बाद भी खुद को असंतुष्ट बताया है। उनका कहना है कि मामले में केवल स्पष्टीकरण तक कार्रवाई सीमित न रहकर यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी और एफआईआर जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। गौरतलब है कि यह मामला IGRS शिकायत के बाद हुई आधिकारिक स्थलीय जांच से जुड़ा है, जिसमें पंचायत भवन की मरम्मत एवं उसकी मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर कमियां दर्ज की गई हैं।
