गर्रा-खन्नौत के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

 

दियूनी बैराज से 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना, आगामी 72 घंटे में संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 07 सितंबर 2026। जनपद में गर्रा और खन्नौत नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ बचाव कार्यों और तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग की टीमें सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

ककरा पुल से हनुमत धाम तक संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा

जिलाधिकारी ने सबसे पहले गर्रा नदी के जलस्तर और बहाव की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद ककरा पुल, डैम रोड, एनिमल बर्थ सेंटर, हनुमत धाम सहित अन्य संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

उन्होंने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए बाढ़ बचाव एवं सुरक्षा संबंधी कार्यों की स्थिति देखी तथा अधिकारियों से नदी के वर्तमान जलस्तर और संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों की जानकारी ली।

गर्रा में 22 हजार क्यूसेक पानी पहुंचने की संभावना

जिलाधिकारी ने बताया कि 07 सितंबर 2026 को दियूनी बैराज से गर्रा नदी में करीब 22 हजार क्यूसेक पानी पास हुआ है। उक्त पानी के आगामी 72 घंटों में जनपद के संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान में गर्रा नदी खतरे के निशान से 1.05 मीटर नीचे तथा खन्नौत नदी 40 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, कल सुबह से खन्नौत नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना बताई गई है।

प्रशासन के अनुसार, रामगंगा नदी खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर और गंगा नदी 25 सेंटीमीटर नीचे है।

संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश

डीएम ने अधिकारियों को नगरीय, तटीय एवं डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर के संबंध में समय से जागरूक करने के निर्देश दिए। राजस्व, पुलिस, सिंचाई, नगर निकाय और अन्य विभागों की टीमों को पूरी तरह तत्पर रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए। बाढ़ बचाव कार्यों और पहले कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों की भी लगातार निगरानी करने को कहा गया।

नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि गर्रा, खन्नौत और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें। नदी के बहाव क्षेत्र, किनारों, घाटों और पुल के निचले हिस्सों में स्नान, पशुओं को नहलाने या घूमने के लिए न जाएं।

उन्होंने बच्चों को नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा मवेशियों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखने की अपील की।

डूब क्षेत्र अथवा नदी के निकट रहने वाले लोगों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, राशन, दवाइयां और कीमती सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा गया है।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी भ्रामक खबर, अफवाह अथवा अपुष्ट सूचना पर ध्यान न देने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की अपील की है। नागरिकों से केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।

यदि जलस्तर में अपेक्षा से अधिक वृद्धि होती है और प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने अथवा स्थानांतरण के निर्देश दिए जाते हैं, तो नागरिकों से तत्काल प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

आपदा नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति, जलभराव, बाढ़ संबंधी सूचना अथवा सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है—

☎️ 05842-462754
☎️ 05842-351037
☎️ 05842-35108

जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क और सुरक्षित रहने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

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