भूमि धोखाधड़ी मामले में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोपी गिरफ्तार

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 05 सितंबर। थाना कलान पुलिस ने भूमि धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोपी जितेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का नाम प्रकाश में आया था।

भूमि को फर्जी तरीके से बंधक रखकर ऋण लेने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 03 जुलाई 2026 को बदायूं जनपद के थाना उसहैत क्षेत्र के गोविन्द नगला निवासी मोरपाल पुत्र शिवराज ने प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि उनकी भूमि गाटा संख्या 418, रकबा 0.898 हेक्टेयर में से 0.298 हेक्टेयर बैनामाशुदा भूमि को दोबारा कथित रूप से फर्जी तरीके से बंधक रखकर 1,09,500 रुपये का ऋण प्राप्त किया गया।

शिकायत में भूमि को हड़पने की नीयत से एक लाख रुपये में सौदा कर 80 हजार रुपये लेकर विपिन के नाम इकरारनामा करने, दोबारा ऋण प्राप्त करने तथा गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्राधिकारी जलालाबाद द्वारा प्रकरण की जांच की गई। अभिलेखीय साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर धोखाधड़ी के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद थाना कलान में मु0अ0सं0 210/26 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना में सामने आया आरोपी का नाम

पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन में जितेन्द्र कुमार पुत्र नेत्रपाल मौर्य, निवासी ग्राम गियुतिया, थाना परौर, जनपद शाहजहांपुर का नाम प्रकाश में आया।

आरोपी को 04 सितंबर 2026 को विवेचना के क्रम में आवश्यक पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468 एवं 471 भादवि का अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में क्या सामने आया?

पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह तहसील कलान में प्राइवेट अधिवक्ता के रूप में कार्य करता है। उसके मुताबिक, 25 जून 2024 को जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया, थाना कलान ने विपिन पुत्र गिरीश निवासी बाराकलां के पक्ष में अपनी भूमि का एक लाख रुपये में इकरारनामा कराया था।

पुलिस के अनुसार, इकरारनामा के तहत विपिन ने अपने बैंक खाते से 80 हजार रुपये जयवीर के बैंक खाते में स्थानांतरित किए थे, जबकि शेष 20 हजार रुपये बैनामा के समय दिए जाने थे। जितेन्द्र ने उक्त इकरारनामा पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने तथा उससे संबंधित कागजात तैयार करने की बात बताई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि इससे पहले जयवीर उक्त भूमि का बैनामा हाकिम सिंह के पक्ष में कर चुका था। कार्रवाई के भय से उसके, जयवीर और विपिन द्वारा इकरारनामा निरस्त कराया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पैसों के लालच में उक्त कार्य करने की बात कही।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की है।

गिरफ्तार आरोपी

जितेन्द्र कुमार पुत्र नेत्रपाल मौर्य, उम्र करीब 31 वर्ष, निवासी ग्राम गियुतिया, थाना परौर, जनपद शाहजहांपुर।

मुकदमे का विवरण

मु0अ0सं0 210/26
धारा 419, 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 भादवि
थाना कलान, जनपद शाहजहांपुर।

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