ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। शासन के निर्देश पर शुक्रवार को राहत आयुक्त कार्यालय एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जनपद बलरामपुर में राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अगुवाई में भूकम्प, औद्योगिक रसायन खतरे एवं अग्निकाण्ड जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए विभिन्न स्थानों पर मॉकड्रिल कराई गई।
नगर स्थित बलरामपुर चीनी मिल के केमिकल डिवीजन में औद्योगिक रसायन आपदा पर आधारित मॉकड्रिल आयोजित हुई। अभ्यास के दौरान भूकम्प आने के बाद चीनी मिल प्रबंधन की ओर से जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि भूकम्प के कारण केमिकल डिवीजन स्थित एथनॉल प्लांट में लीकेज शुरू हो गया है और आग लग गई है। हादसे में करीब 15 मजदूर एवं कुछ कर्मचारी फंसे होने की सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही इन्सीडेन्ट कमांडर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप केला ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को वायरलेस के माध्यम से सूचना दी। जिलाधिकारी के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने सेफ्टी ऑफिसर की भूमिका संभाली, जबकि मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता को रिसोर्स इंचार्ज बनाया गया। जिलाधिकारी स्वयं अग्निशमन एवं मेडिकल टीम तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
घटनास्थल पर पहुंचकर एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, एसएसबी जवानों तथा चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। केमिकल डिवीजन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। इसके बाद मेडिकल टीम ने प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार उन्हें संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराने की कार्रवाई का अभ्यास किया।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि भूकम्प की संवेदनशीलता के दृष्टिगत जनपद बलरामपुर जोन-4 में आता है। मॉकड्रिल का उद्देश्य विभिन्न आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को आपदा के समय प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए जागरूक एवं प्रशिक्षित करना है। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचना, राहत एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करना बेहद महत्वपूर्ण है।
मॉक अभ्यास के दौरान कर्मचारियों को भूकम्प, आग और रासायनिक रिसाव जैसी आपात स्थितियों में स्वयं तथा अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के उपायों की जानकारी दी गई। अभ्यास में अग्निशमन, स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन, शिक्षा, नगर निकाय, आपूर्ति, एनसीसी, सेना, पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग और आपदा मित्र समेत विभिन्न विभागों की सहभागिता रही।
पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करने के साथ-साथ जनसमुदाय को आपदा के प्रति सजग करना है। वहीं रिसोर्स इंचार्ज मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कहा कि ऐसे अभ्यासों से उपलब्ध संसाधनों को अपडेट करने, आपदा के दौरान प्रतिक्रिया एवं रिस्पॉन्स टाइम को परखने तथा तैयारियों में मौजूद कमियों का विश्लेषण करने का अवसर मिलता है।
तुलसीपुर और उतरौला में भी हुआ मॉक अभ्यास
जिलाधिकारी के निर्देशन में तहसील तुलसीपुर की बिल्डिंग में आग लगने की काल्पनिक घटना पर अग्निशमन विभाग ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया। वहीं तहसील उतरौला में मो. यूसुफ उस्मानी इंटर कॉलेज में भूकम्प के दौरान स्कूली बच्चों के बचाव की मॉकड्रिल कराई गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं को आपदा के समय क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी गई। अग्निशमन टीम ने विद्यालय भवन में फंसे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया।
मॉक अभ्यास के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी संदीप केला, अपर उपजिलाधिकारी संजय यादव एवं आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह को ओवरऑल जिम्मेदारी सौंपी थी। एसडीएम सदर मनोज कुमार को बलरामपुर चीनी मिल में आयोजित मॉकड्रिल का नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसी प्रकार एसडीएम तुलसीपुर हेमन्त गुप्ता तथा एसडीएम उतरौला योगेन्द्र शरण शाह को संबंधित तहसीलों में आयोजित मॉकड्रिल की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस दौरान एसएसबी कमांडेंट, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय, एसडीएम मनोज कुमार, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह, सहायक आबकारी आयुक्त, चीनी मिल के यूनिट हेड, सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा, एसडीआरएफ के अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, एसीएमओ डॉ. ए.के. चौधरी, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं, नागरिक सुरक्षा कैडेट्स, आपदा मित्र, एसएसबी के अधिकारी एवं जवान, वायरलेस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


