उन्नाव नगर पालिका में यूनीपोल-होर्डिंग के आंकड़ों पर सवाल, महीनों बाद भी स्पष्ट जानकारी का इंतजार


ब्यूरो रिपोर्ट बाल किशन, उन्नाव ✍️

उन्नाव। नगर पालिका क्षेत्र में लगे यूनीपोल और होर्डिंग की संख्या, उनकी अनुमति तथा उनसे प्राप्त राजस्व को लेकर पालिका प्रशासन से मांगी जा रही जानकारी अब चर्चा का विषय बनी हुई है।

मामला सीधे तौर पर नगर पालिका के रिकॉर्ड और राजस्व से जुड़ा है। सवाल उठ रहा है कि नगर पालिका क्षेत्र में कुल कितने यूनीपोल और होर्डिंग लगे हैं, इनमें से कितनों को पालिका की अनुमति प्राप्त है और पिछले वर्ष इनसे नगर पालिका को कितना राजस्व मिला?

बताया जा रहा है कि इन जानकारियों के लिए पिछले कई महीनों से पालिका अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान रिकॉर्ड अथवा संबंधित फाइल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने की जानकारी दी जा रही है। वहीं, अब अधिशासी अधिकारी की ओर से लिखित जानकारी के बजाय कथित तौर पर मौखिक जानकारी लेने की बात कही गई है।

दूसरी ओर पालिका प्रतिनिधियों के हवाले से बताया जा रहा है कि यूनीपोल और होर्डिंग की सूची तैयार की जा रही है।

नई सूची तैयार होने से पुराने रिकॉर्ड पर उठे सवाल

यदि वर्तमान में नई सूची तैयार की जा रही है तो सवाल यह भी है कि पिछले वर्षों में नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज यूनीपोल और होर्डिंग की संख्या क्या थी और उनके एवज में पालिका को कितना राजस्व प्राप्त हुआ?

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नगर निकायों के लिए विज्ञापन और होर्डिंग राजस्व का एक स्रोत हैं। उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग ने भी विज्ञापन एवं होर्डिंग को निकाय की आय के महत्वपूर्ण स्रोतों में शामिल करते हुए इनके नियमन और अवैध होर्डिंग हटाने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

हाल ही में उन्नाव नगर पालिका की बोर्ड बैठक में भी होर्डिंग और बैनर की किराया दर 6 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति वर्ग फीट किए जाने पर सहमति की खबर सामने आई थी।

फिलहाल मामला किसी आरोप को साबित करने का नहीं, बल्कि नगर पालिका के आधिकारिक रिकॉर्ड, अनुमति और राजस्व से संबंधित आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किए जाने का है।

अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन यूनीपोल और होर्डिंग से संबंधित संख्या, अनुमति तथा राजस्व का आधिकारिक विवरण कब तक उपलब्ध कराता है।

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