ब्यूरो रिपोर्ट सीमा मौर्या, उन्नाव ✍️
उन्नाव। गंगाघाट थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव निवासी लेखराम गौतम ने अनुसूचित जाति आयोग, उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेजकर चोरी, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, लेखराम गौतम का आरोप है कि 16 सितंबर 2026 को करीब 11 बजे वह राशन लेने के लिए दुकान पर गया था, लेकिन गांव में किसी घटना के चलते राशन की दुकान बंद मिली। इसके बाद वह वापस घर लौट आया। घर पहुंचकर ताला खोलने पर उसे अंदर सामान बिखरा मिला। पीड़ित के अनुसार उसके पर्स में रखे 3,450 रुपये भी नहीं मिले।
लेखराम का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के लिए वह हाजीपुर चौकी पहुंचा और वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी को पूरी घटना बताई। पीड़ित के मुताबिक पुलिसकर्मी ने मोबाइल फोन से उसकी तहरीर रिकॉर्ड की और उसे वापस भेज दिया।
प्रार्थना पत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि घर लौटने के बाद गांव निवासी रामपाल लोध ने उसे बुलाकर जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट करने का प्रयास किया गया।
लेखराम ने कुछ ग्रामीणों पर चोरी की घटनाओं में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आसपास के गांवों के लोग भी उनसे परेशान हैं। इसके अलावा उसने एक व्यक्ति पर बंदूक के बल पर दबंगई करने, बालू की खदान चलवाने और प्राथमिक विद्यालय के सामने जुआ खिलवाने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
पीड़ित ने बताया कि वह दिव्यांग और अकेला व्यक्ति है तथा उसे अपनी जान का खतरा है। उसने अनुसूचित जाति आयोग से मामले की जांच कराने, प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र 17 सितंबर 2026 को दिया गया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
