स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 20 सितंबर 2026। भारत सरकार के उल्लास—नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कारागार शाहजहांपुर में असाक्षर वयस्कों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता आकलन परीक्षा (FLNAT) का आयोजन किया गया। परीक्षा में जिला कारागार में निरुद्ध 35 बंदियों ने प्रतिभाग किया।
उल्लास कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता में पढ़ने, लिखने और गणना जैसी क्षमताओं के विकास पर जोर दिया जाता है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार FLNAT के माध्यम से शिक्षार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता संबंधी दक्षताओं का आकलन किया जाता है।
जिला कारागार प्रशासन के अनुसार बंदियों को कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान नियमित रूप से पढ़ना-लिखना तथा प्रारंभिक गणितीय ज्ञान प्रदान किया गया। नियमित शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बंदियों ने अक्षर एवं अंक ज्ञान हासिल किया।
परीक्षा शुरू होने से पहले कारागार अधीक्षक जे.पी. तिवारी ने परीक्षार्थी बंदियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है। शिक्षा पढ़ने-लिखने के साथ आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि कारागार में शिक्षा प्राप्त कर रहे बंदियों का प्रयास उनके सुधार और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बंदियों से शिक्षा को निरंतर जारी रखने तथा अर्जित ज्ञान का उपयोग अपने भविष्य को बेहतर बनाने में करने का आह्वान किया।
परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा में सफल होने वाले बंदियों को संबंधित मंत्रालय की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि शाहजहांपुर जिले में 20 सितंबर को उल्लास कार्यक्रम के तहत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे।
