शाहजहांपुर में RBSK की पहल से 78 बच्चों को मिला निःशुल्क उपचार, चेहरों पर लौटी मुस्कान


स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️ 

शाहजहांपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत शाहजहांपुर जनपद में बच्चों में जन्मजात दोषों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय से पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, RBSK टीमों के प्रयासों से अब तक 78 बच्चों को सफलतापूर्वक निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

RBSK का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकासात्मक समस्याओं की समय से पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ना है। केंद्र सरकार के RBSK कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में बच्चों की स्क्रीनिंग तथा आवश्यक उपचार के लिए रेफरल की व्यवस्था है।

कटे होंठ-तालू और टेढ़े पैर का कराया उपचार

स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उपचार पाने वाले 78 बच्चों में 28 बच्चों के कटे होंठ एवं तालू (Cleft Lip and Palate) का सफल उपचार कराया गया। वहीं 36 बच्चों के टेढ़े पैर (Clubfoot) का उपचार कर उन्हें सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम बनाया गया।

इसके अलावा 4 बच्चों के मोतियाबिंद, 3 बच्चों के Neural Tube Defect तथा 5 बच्चों के जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) का निःशुल्क उपचार कराया गया।

इसी क्रम में 2 मूक-बधिर बच्चों का Cochlear Implant भी कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचार के बाद दोनों बच्चे सुनने और बोलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कटे होंठ-तालू वाले बच्चों को लखनऊ किया गया रेफर

इसी क्रम में RBSK टीम द्वारा कटे होंठ एवं तालू से ग्रसित बच्चों को चिन्हित कर आगे के निःशुल्क उपचार के लिए लखनऊ स्थित Smile Train संस्था को रेफर किया गया। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.पी. श्रीवास्तव एवं DEIC मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बच्चों को निःशुल्क Nutrition Kit प्रदान की और उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं उपचार को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर होती है स्क्रीनिंग

RBSK टीमों द्वारा विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्चों में जन्मजात दोषों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है। चिन्हित बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकीय संस्थानों से जोड़कर उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार RBSK के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद आवश्यक उपचार/हस्तक्षेप निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.पी. श्रीवास्तव और DEIC मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि RBSK का उद्देश्य जन्मजात दोषों की समय पर पहचान, उचित रेफरल और निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि उपचार के अभाव में कोई बच्चा सामान्य जीवन से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 78 बच्चों को निःशुल्क उपचार मिलना समय पर पहचान और उपचार की प्रक्रिया के महत्व को दर्शाता है।

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