प्रयागराज: 10 हजार सामाजिक संस्थाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे मोहम्मद हन्जला, जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी


ब्यूरो चीफ आमिर मिर्जा, प्रयागराज ✍️

प्रयागराज, 18 अक्टूबर 2026। देशभर में समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं, सोसाइटी, ट्रस्ट और एनजीओ के अधिकारों, सम्मान एवं सुरक्षा को लेकर इलाहाबाद जन कल्याण समिति, प्रयागराज के अध्यक्ष मोहम्मद हन्जला ने राष्ट्रीय स्तर पर पहल की है। उन्होंने लगभग 10 हजार सामाजिक संस्थाओं को एक मंच पर जोड़कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक आंदोलन करने की तैयारी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक संस्थाओं के संचालकों की समस्याओं को सरकार के सामने उठाना और उनके लिए बेहतर सुविधाओं तथा स्पष्ट नीतियों की मांग करना है।

मोहम्मद हन्जला का कहना है कि सामाजिक संस्थाएं गरीबों, असहायों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंदों की मदद करने के साथ जनकल्याण के अनेक कार्यों में अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद संस्था संचालकों को स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, आर्थिक सहयोग और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पांच वर्षीय नवीनीकरण व्यवस्था में बदलाव की मांग

मोहम्मद हन्जला ने उत्तर प्रदेश में संबंधित श्रेणी की पंजीकृत संस्थाओं पर लागू पांच वर्षीय नवीनीकरण व्यवस्था को समाप्त करने अथवा सरल बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि समाजसेवा करने वाली संस्थाओं को बार-बार की कागजी कार्रवाई और अतिरिक्त खर्चों में उलझाने के बजाय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए, ताकि वे अधिक समय जनकल्याण के कार्यों में लगा सकें।

उन्होंने कहा कि संस्थाओं की पारदर्शिता और कानूनी जवाबदेही बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और समाजसेवा के कार्यों में अनावश्यक बाधाएं भी न आएं।

संस्था संचालकों के लिए स्वास्थ्य बीमा और सरकारी सहयोग की मांग

मोहम्मद हन्जला ने सरकार से मांग की है कि पात्र सामाजिक संस्था संचालकों के लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क अथवा रियायती उपचार और समाजसेवा से जुड़े आधिकारिक कार्यों में आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।

इसके अलावा उन्होंने योग्य और पारदर्शी तरीके से काम करने वाली संस्थाओं को सरकारी अनुदान, परियोजना आधारित आर्थिक सहायता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं में भागीदारी के अवसर देने की मांग की। साथ ही, संस्थाओं और उनके पात्र संचालकों के लिए सरल एवं पारदर्शी राष्ट्रीय पहचान और मान्यता प्रणाली विकसित करने की बात भी कही।

मोहम्मद हन्जला ने कहा, “समाजसेवा करने वाली संस्थाएं राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। जब इनके संचालक अपने निजी संसाधनों से गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तो सरकार को भी उनके सम्मान, सुरक्षा और सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। समाजसेवियों को केवल जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि उचित सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।”

प्रधानमंत्री को मांग-पत्र भेजने का दावा

हन्जला के अनुसार, सामाजिक संस्थाओं के अधिकारों और सुविधाओं से संबंधित मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को मांग-पत्र भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय में पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करने के साथ वार्ता भी की गई थी।

उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समाजसेवा से जुड़े लोगों की समस्याओं को संबंधित नेतृत्व और सरकार के सामने लगातार उठाना है, ताकि मांगों पर ठोस निर्णय हो सके।

ज़ुबैर अहमद बोले—‘हन्जला की यह पहल इतिहास बन गई है’

इस पहल का समर्थन करते हुए ज़ुबैर अहमद ने कहा, “मोहम्मद हन्जला की यह पहल इतिहास बन गई है। देशभर की सामाजिक संस्थाओं, सोसाइटी, ट्रस्ट और एनजीओ के अधिकारों एवं सम्मान के लिए इस स्तर पर आवाज उठाना एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि हजारों संस्थाएं एकजुट होकर अपने जायज अधिकारों की मांग करती हैं, तो यह सामाजिक सेवा के क्षेत्र में नई दिशा स्थापित कर सकता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।”

इस अवसर पर मोहम्मद मुस्तकीम, एडवोकेट अनुराग गौतम, एडवोकेट अंजनी मिश्र, एडवोकेट फरीदुद्दीन, समाजसेवी सतपाल और आशीष सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने सामाजिक संस्थाओं की समस्याओं, संस्था संचालकों की सुरक्षा और सरकारी सहयोग की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक आंदोलन की तैयारी

मोहम्मद हन्जला ने कहा कि देशभर की लगभग 10 हजार सामाजिक संस्थाओं, सोसाइटी, ट्रस्ट और एनजीओ को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार से सामाजिक संस्थाओं के लिए स्पष्ट नीति बनाने, पात्र संस्था संचालकों को उचित सुविधाएं देने और नवीनीकरण संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि समाजसेवा करने वाले लोगों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के समर्थन में एक लोकतांत्रिक प्रयास है।

मोहम्मद हन्जला ने सरकार से अपील की कि सामाजिक संस्थाओं के योगदान को उचित मान्यता देते हुए उनके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे समाजसेवा के कार्य और मजबूत हों तथा गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों तक सहायता बेहतर ढंग से पहुंच सके।

ब्यूरो चीफ आमिर मिर्जा, प्रयागराज ✍️

Previous Post Next Post