बलरामपुर: सीएचसी शिवपुरा में निरीक्षण के दौरान 11 कर्मचारी अनुपस्थित, सीएमओ ने वेतन रोकने के दिए निर्देश


ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

बलरामपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्धारित समय पर ड्यूटी से अनुपस्थित मिले 11 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थित अवधि का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

समय से ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पाण्डेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, सहायक शोध अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता सहित स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

सीएमओ ने अधीक्षक को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित हों तथा निर्धारित यूनिफॉर्म में ही अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने अस्पताल भवन और परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

जांच और दवा के लिए मरीजों को बाहर न भेजें

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को जांच या दवा के लिए बाहर न भेजा जाए। आवश्यक जांच और औषधियां अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो।

इसके अलावा अस्पताल के वित्तीय एवं अन्य अभिलेखों को अद्यतन रखने और उनका व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया। जननी सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से भुगतान करने तथा धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने के निर्देश भी दिए गए।

ये 11 कर्मचारी मिले अनुपस्थित

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में राकेश कुमार (स्वीपर), तन्वी श्रीवास्तव (वार्ड आया), सैयद सलीम हुसैन (नेत्र परीक्षण अधिकारी), विनोद कुमार (लैब टेक्नीशियन), सुरेंद्र पाल सिंह वर्मा, अशोक कुमार (वरिष्ठ सहायक), रुचि तिवारी (एएनएम), मनीष (स्टाफ नर्स), वंदना (स्टाफ नर्स), इला शुक्ला (स्टाफ नर्स) तथा डॉ. आनंद कुमार आर्य (चिकित्सा अधिकारी) शामिल हैं।

सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को इन सभी की अनुपस्थित अवधि का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन तत्परता एवं जवाबदेही के साथ करना होगा।

निरीक्षण के समय 89 मरीजों का हुआ था उपचार

निरीक्षण के समय तक अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कुल 89 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। अंतः रोगी विभाग (आईपीडी) में छह मरीज भर्ती थे, जबकि तीन महिलाओं का प्रसव कराया गया था। वहीं, पैथोलॉजी विभाग में कुल 27 मरीजों की जांच की गई थी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अधीक्षक को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करते हुए मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

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