स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर, 28 अक्टूबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर खाद की बिक्री, ओवररेटिंग पर रोक और उर्वरकों की टैगिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए।
जनपद में यूरिया और डीएपी समेत पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद में वर्तमान में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता इस प्रकार है:
- यूरिया: 51,468 मीट्रिक टन
- डीएपी: 16,280 मीट्रिक टन
- एनपीके: 11,531 मीट्रिक टन
- एमओपी: 5,022 मीट्रिक टन
- एसएसपी: 13,475 मीट्रिक टन
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी और एसएसपी के प्रयोग पर जोर
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों के बीच डीएपी के स्थान पर टीएसपी और एसएसपी के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। अधिकारियों के अनुसार, इन उर्वरकों का उचित प्रयोग फॉस्फेटिक पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार में भी सहायक हो सकता है।
इसके अलावा उर्वरक उत्पादों के भंडारण से संबंधित निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई, 789 छापे
उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने, अनियमितताओं पर अंकुश लगाने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 789 छापे डाले हैं। इस दौरान 114 नमूने लेकर अधिसूचित प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए।
विभागीय जानकारी के अनुसार, अनियमितताओं के मामलों में 17 उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि चार लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कालाबाजारी रोकने के लिए तीन एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं।
किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि किसानों को खाद निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराई जाए। ओवररेटिंग, जबरन टैगिंग और भंडारण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखने को भी कहा गया।
प्रशासन का उद्देश्य रबी सीजन में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाना और कृषि उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
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