जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

 

स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 5 अक्टूबर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना को सुचारु, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक चार्ज एवं तकनीकी सहायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने की।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि द्वितीय चरण में जनगणना का कार्य 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों के लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसलिए सभी अधिकारी और कार्मिक अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।

कोई व्यक्ति या परिवार न छूटे

अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में कोई भी व्यक्ति अथवा परिवार छूटने न पाए और उपलब्ध कराई गई सूचनाओं की गोपनीयता का पूरी तरह ध्यान रखा जाए। उन्होंने “हर शहर, हर गांव छूटे न कोई नाम” की भावना के अनुरूप निष्पक्षता, सावधानी और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया।

उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को फील्ड स्तर पर गणना कर्मियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा किसी भी कठिनाई का निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान कराने के निर्देश दिए।

स्व-गणना के लिए चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

अपर जिलाधिकारी ने स्व-गणना को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षित एवं युवा वर्ग को अपने और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन स्वयं दर्ज करने के लिए प्रेरित करने को कहा। इसके लिए विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, एनजीओ एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने तथा गांवों और वार्डों में स्व-गणना का डेमो कराने पर जोर दिया गया।

उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं जाति, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता एवं शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, प्रवास और प्रजनन संबंधी जानकारी शामिल है। इसके अलावा बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित जानकारियां भी शामिल होंगी।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कार्मिकों को जनसंख्या गणना, गणना प्रपत्रों, आवश्यक दिशा-निर्देशों तथा फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक व्यक्ति की सूचना सही एवं सावधानीपूर्वक दर्ज की जाए और पूरे जनपद में कोई भी क्षेत्र अथवा व्यक्ति किसी भी दशा में छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक नीतियों के बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक प्रगणक परिवारों को जनगणना के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देकर आमजन का सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करें।

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