यूपी में 28 और 29 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम! तेज हवाओं, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका, प्रशासन अलर्ट


ब्यूरो चीफ आमिर मिर्ज़ा, प्रयागराज ✍️

प्रयागराज, 27 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 28 और 29 अक्टूबर 2026 को मौसम खराब रहने की प्रबल संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, आंचलिक केंद्र लखनऊ के मौसम बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज झोंकेदार हवाओं, गरज-चमक, वज्रपात और भारी वर्षा की आशंका है। संभावित खतरे को देखते हुए राहत आयुक्त ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला आपदा कंट्रोल रूम

राहत आयुक्त के निर्देश पर जिला आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है। संबंधित उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों तथा पुलिस, स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को कटाई के लिए तैयार फसलों की शीघ्र कटाई के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया है। कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित तथा ढके हुए स्थानों पर पहुंचाने के लिए मुनादी और स्थानीय माध्यमों से सूचना प्रसारित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी

संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय क्षेत्र में जर्जर एवं असुरक्षित मकानों तथा ढांचों की पहचान करने को कहा गया है। ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से सतर्क करते हुए जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों या सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित कराया जाएगा।

प्रशासन को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ढोल, मुनादी, स्थानीय मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से तेज हवाओं और वज्रपात से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

खराब मौसम में इन सावधानियों का रखें ध्यान

प्रशासन ने आमजन से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और दामिनी ऐप डाउनलोड कर उससे मिलने वाले अलर्ट का पालन करने की अपील की है।

खराब मौसम के दौरान लोगों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
  • खुले मैदानों, खेतों, जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।
  • सुरक्षित पक्के भवन के भीतर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
  • किसान कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित तथा ढके हुए स्थान पर रखें।
  • प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

जनहानि या फसल क्षति पर तत्काल राहत के निर्देश

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि खराब मौसम के कारण किसी क्षेत्र में जनहानि, पशुहानि, मकान या फसल को नुकसान होता है, तो आपदा राहत नियमों के तहत तत्काल राहत वितरण की कार्रवाई की जाए। साथ ही, निर्धारित प्रारूप में घटना की जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय और शासन को उपलब्ध कराई जाए।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सभी संबंधित अधिकारियों से राहत आयुक्त के निर्देशों के अनुसार आवश्यक तैयारियां और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

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