लखनऊ: फैजुल्लागंज में जलभराव से मिलेगी राहत, गोमती किनारे बनेगा 5.5 किमी लंबा तटबंध; 12 नए पंपिंग स्टेशन होंगे स्थापित


स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी योजना तैयार की जा रही है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जलभराव की समस्या, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में गोमती नदी के बाएं तट पर आईआईएम रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध के निर्माण का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा।

प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा, साफ-सफाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था लगातार बनाए रखने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना पर काम करें। जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को तत्काल मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

फैजुल्लागंज में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक बनेगा शैक्षणिक संस्थान

फैजुल्लागंज क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के नए समन्वित शैक्षणिक संस्थान की शीघ्र स्थापना के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जलभराव प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के रूप में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना भी बनाई गई।

गोमती नदी के जलस्तर और जल निकासी पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी लखनऊ की आत्मा है। इसके अविरल और निर्मल प्रवाह को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि तटबंध निर्माण, पंपिंग स्टेशन और नालों से संबंधित योजनाएं एक-दूसरे के पूरक के रूप में तैयार की जाएं। इसका उद्देश्य गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने या अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में भी रिहायशी बस्तियों में पानी जमा होने से रोकना है।

बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव और फॉगिंग

जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, अभियान में निम्न संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है:

  • 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीनें, 5 स्वीपिंग मशीनें और 8 ट्रैक्टर टैंकर एंटी-लार्वा छिड़काव के लिए।
  • 11 टाटा एस माउंटेड मशीनें और 23 हैंड-हेल्ड मशीनें फॉगिंग के लिए।
  • 75 वाटर टैंकर और 36 मोबाइल शौचालय।
  • 179 प्रकाश बिंदु और 135 मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट।

24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, टोल फ्री नंबर 1077

प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में छह कंट्रोल प्वाइंट भी संचालित किए जा रहे हैं।

प्रस्तावित तटबंध, नए पंपिंग स्टेशन और जल निकासी नेटवर्क से फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित परिवारों को राहत देने और भविष्य में जलभराव के जोखिम को कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

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