स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर, 28 अक्टूबर। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेशव्यापी सड़क पुनर्स्थापना अभियान 1 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि जल्द कार्रवाई कराई जा सके।
7,133 किलोमीटर सड़क की मरम्मत पूरी
अधिशासी अभियंता सनी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कुल 7,198 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। इनमें से अब तक 7,133 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराई जा चुकी है। शेष सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए भी कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अनुबंधित फर्म मेसर्स एनसीसी लिमिटेड, शाहजहाँपुर की ओर से 24 टीमों और 133 कर्मियों की मदद से मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को अभियान के तहत बची हुई सड़कों की मरम्मत जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
टूटी सड़क की शिकायत कहां करें?
यदि आपके गांव में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क क्षतिग्रस्त है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है, तो आप जल निगम (ग्रामीण) को इसकी सूचना दे सकते हैं।
शिकायत दर्ज कराने के प्रमुख माध्यम:
- टोल फ्री नंबर: 1800-121-2164
- जलसारथी ऐप: सड़क की स्थिति की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- आईजीआरएस पोर्टल: ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।
विभाग के अनुसार, शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि सड़क की मरम्मत कराई जा सके।
जलसारथी ऐप पर फोटो-वीडियो अपलोड करने की सुविधा
सड़क पुनर्स्थापना अभियान के तहत नागरिकों की सुविधा के लिए जलसारथी ऐप पर विशेष व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क टूटी होने या मरम्मत नहीं होने की स्थिति में लोग मौके की फोटो और वीडियो अपलोड करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उसके समाधान की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों को आवागमन में राहत दिलाना प्राथमिकता
अधिशासी अभियंता सनी सिंह ने कहा कि जल निगम (ग्रामीण) की प्राथमिकता पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द दुरुस्त कराना और ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत दिलाना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके गांव में कोई सड़क अब भी क्षतिग्रस्त है, तो विभाग को इसकी सूचना दें, जिससे संबंधित अधिकारियों के माध्यम से जल्द मरम्मत सुनिश्चित कराई जा सके।
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