डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

 


ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा

बलरामपुर। भारत रत्न, महान वैज्ञानिक एवं देश के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ड्रीम फाउंडेशन की ओर से अल-रहमान हॉस्पिटल के सभागार में विचार गोष्ठी एवं विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदर्श नगर पालिका परिषद, बलरामपुर के अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी. सिंह बैस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. कलाम के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।


कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अल-रहमान हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. अब्दुल कय्यूम, सिटी मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य काशी प्रसाद यादव तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जुबेर अहमद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

फाउंडेशन के सचिव समीर अहमद सिद्दीकी ने डॉ. कलाम के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से देश को नई दिशा प्रदान की। उनके विचार आज भी युवाओं को बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं।

संस्था के व्यवस्थापक मेहताब जमाल ने देश के विकास में डॉ. कलाम के अतुलनीय योगदान को याद किया। वहीं, संस्था के सलाहकार मोहम्मद सलमान ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ड्रीम फाउंडेशन वर्ष 2018 से पूरे उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और युवाओं को जागरूक कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में संस्था की अध्यक्ष सरीना बेगम के नेतृत्व में रायबरेली तथा उपाध्यक्ष बुशरा सिद्दीकी के नेतृत्व में उन्नाव जनपद में भी डॉ. कलाम की जयंती मनाई गई।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने डॉ. कलाम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा, ईमानदारी, समर्पण और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन में गणमान्य नागरिकों, चिकित्सकों, शिक्षकों एवं युवाओं की सहभागिता रही।

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